Sachin Pilot Hunger Strike: राजस्थान में चुनाव से पहले आज सचिन पायलट ने एक और नई सियासत की लकीर खींच दी है, क्योंकि यहां पर इसके पहले कभी भी ऐसा नहीं हुआ जब किसी बड़े नेता ने अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन किया हो. जब एक तरफ यहां के प्रभारी सुखजिंदर रंधावा ने अनशन न करने की सलाह दे डाली फिर भी अनशन हुआ. रोचक बात रही की बेहद शांत तरीके से यहां पर पायलट का अनशन खत्म हुआ है. सुबह से ही भीड़ जुटने लगी थी. लेकिन दोपहर बाद तेजी से भीड़ आने लगी थी. 

पायलट के अनशन में भीड़ का आलम यहां तक था कि स्मारक परिसर से काफी दूर तक गाड़ियों का जमावड़ा लगा रहा. स्मारक के पीछे पेट्रोल पंप पर जमीन पर लोग बैठे हुए दिखे. यहां दो हजार से अधिक लोगों के आने की बात हो रही थी, लेकिन यहां लोग आ रहे थे और कुछ देर के बाद चले जा रहे थे. बाहर कुछ जगहों पर भारी भीड़ जमी रही. कुछ तो वहां पर बॉउंड्री वॉल पर भी चढ़कर देख रहे थे. इस अनशन से कई संदेश दिए जाने की बात सामने आ रही है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई
वहां पर मौजूद लोगों का कहना है कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की बात हो रही है. इसमें गलत क्या है? इससे एक संदेश दिया गया कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ रही है. वहां पर आए हुए युवाओं का कहना था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात कोई गलत नहीं है. युवाओं पर इस बात का बड़ा असर पड़ा है. यूथ मतदाताओं को अपनी तरफ किये जाने का यह बड़ा प्रयास माना जा रहा है.

आज शहीद स्मारक पर जुटी भीड़ ने यह तो बता दिया की आगे मामला टाइट होने है. इसमें सभी तरह के लोग शामिल हुए हैं. बुजुर्ग, युवा और महिलाओं को संख्या बड़ी थी. अनुमान से अधिक भीड़ यहां पर आई थी. अब अलग-अलग बातें और अनुमान निकाले जा रहे हैं. 

एक्शन के बाद रिएक्शन होगा
राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार हरीश मलिक का कहना है कि अगर सचिन पायलट पर कोई एक्शन होगा तो इसके रिएक्शन में कोई नया समीकरण देखने को मिल सकता है. आप और अन्य दलों के सहारे यहां पर कुछ नया होने वाला है. यह सचिन पायलट की आखिरी लड़ाई है. यहां पर अभी तक कांग्रेस और बीजेपी के बीच फाइट हुआ करती थी लेकिन अब त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है. यहां से एक बड़े संदेश देने की तैयारी है.

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