Ujjain News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भी अजब गजब मामले सामने आते हैं. मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन (Ujjain) में पानी चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे देख और सुनकर हर कोई अचरज में है. जेल में चोरी के पानी से कंठ तर हो रहे थे, वहीं अब नगर निगम दोनों ही विभागों को लाखों रुपए का जुर्माना ठोकने वाला है. 

सरकार ने जेलों को सुधार गृह के रूप में विकसित करते हुए कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं लेकिन, हैरत की बात तो यह है कि जेलों में सामने आ रहे हेराफेरी के मामलों से सरकार की योजनाओं को पलीता लग रहा है. इसके लिए काफी हद तक जेल के अधिकारी भी जिम्मेदार माने जा रहे हैं. उज्जैन की केंद्रीय जेल भैरव गढ़ में एक के बाद एक कई सनसनीखेज मामले सामने आ चुके हैं. घोटाले के ही एक मामले में केंद्रीय जेल भेरूगढ़ की जेल अधीक्षक उषा राज अभी अपनी बेटी के साथ जेल की हवा खा रही है. उन पर जीपीएफ कांड में करोड़ों रुपए की चपत लगाने का आरोप है. 

केंद्रीय जेल भेरूगढ़ में किया जा रहा है चोरी का पानी सप्लाई 

इसी बीच केंद्रीय जेल भेरूगढ़ का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. उज्जैन नगर निगम के जल कार्य समिति के प्रभारी शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक उज्जैन की केंद्रीय जेल भेरूगढ़ में चोरी का पानी सप्लाई किया जा रहा है. जबकि उज्जैन नगर निगम को पानी का बिल तक नहीं दिया जा रहा है. इसके अलावा जेल प्रशासन ने वैध कनेक्शन भी नहीं लिया है. ऐसी स्थिति में जेल में पानी चोरी का सप्लाई किया जा रहा है. 

हो सकता है लाखों रुपए का जुर्माना होगा- प्रभारी

जल कार्य समिति के प्रभारी शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक केंद्रीय जेल भेरूगढ़ को लाखों रुपए का बिल थमाने की तैयारी की जा रही है. जेल में सप्लाई हो रहे पानी का आंकलन के आधार पर कम से कम 7 से 8 लाख रुपये का बिल दिया जाएगा. यदि जेल प्रशासन ने नगर निगम को राशि अदा नहीं की तो कनेक्शन डिस्कनेक्ट किया जा सकता है. 

उज्जैन में पानी का खेल, नगर निगम फेल

उज्जैन में 1 लाख 30 हजार भवन होने की जानकारी नगर निगम के पास है जबकि नगर निगम में 60 से 62 हजार पानी के कनेक्शन है. इनमें से 35 से 40 हजार लोगों द्वारा ही नियमित रूप से जल का भुगतान किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त अन्य लोगों द्वारा राशि भी अदा नहीं की जा रही है. दरअसल साल 2017 से उज्जैन में जलकर को लेकर नगर निगम के पीएचई विभाग द्वारा बिल नहीं दिया जा रहा है. पीएचई के माध्यम से अब बिल बंटना एक बार फिर शुरू हो गए हैं. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में नगर निगम को जलकर से लाखों रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा. 

एक ही मोहल्ले में 500 कनेक्शन काटे

पीएचई के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एन के भास्कर के मुताबिक जूना सोमवारिया इलाके में अवैध रूप से नल कनेक्शन लिए जाने की सबसे ज्यादा शिकायत आई थी. जिसके बाद नगर निगम ने सर्वे करवाकर लगभग 500 अवैध कनेक्शन को काट दिया है. उज्जैन नगर निगम और पीएचई विभाग की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. जूना सोमवारिया के अलावा कुछ और इलाके भी चिन्हित किए गए हैं. जहां पर अवैध नल कनेक्शन है. इसके अलावा कई उपभोक्ताओं द्वारा वर्षों से जलकर अदा नहीं किया जा रहा है.

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