Rajasthan News: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक छात्र नेता अन्य छात्रों के साथ विश्वविद्यालय के प्रिंसिपल को धमकाते हुए बोल रहा है. सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर कई यूजर गुरु और शिष्य के रिश्ते की दुहाई दे रहे हैं. कोई यूजर यह लिख रहा है कि इस तरह से अपने गुरु के साथ व्यवहार करना कतई उचित नहीं है. ऐसे शिष्य को तुरंत कॉलेज से निकाल देना चाहिए.  

एबीपी लाइव ने वीडियो की पड़ताल शुरू की. शुरुआती पड़ताल में पता चला कि वीडियो बीकानेर के स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय का है. विश्वविद्यालय के डीन आई पी सिंह के साथ छात्र नेता रामनिवास कुकणा हैं. 

डीन आईपी सिंह से फोन पर नहीं हो पाया संपर्क

स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर द्वारा अटेंडेंस कम होने के चलते 40 छात्रों को परीक्षा में बैठाने से इनकार कर दिया गया. आरोप है कि छात्रों के भविष्य को लेकर डीन ऑफिस में छात्र नेता रामनिवास कुकणा 40 छात्रों व उनके परिजनों के साथ पहुंचे डीन आईपी सिंह ने छात्रों के परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया.

एबीपी लाइव ने डीन आईपी सिंह से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की. कई बार कॉल लगाया गया मैसेज भी किया गया उनकी तरफ से किसी भी तरह का जवाब नहीं मिला. 

वायरल वीडियो में क्या कहते दिख रहे हैं रामनिवास

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की शुरुआत में छात्र नेता रामनिवास ऑफिस में बैठे डीन आई पी सिंह के सामने धमकी के अंदाज में बोलते हुए सुनाई देता है कि ”कौन होता हैं वीसी, एक तो आप नंबर नहीं दे सकते हैं. आप 40 बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं. यहां मौजूद बच्चों के परिजनों से बदतमीजी कर रहे हैं. आप क्या मदद कर रहे हैं. ” छात्र नेता रामनिवास कहते दिख रहे हैं ”क्या मजाक बना रखा है. बच्चे रो रहे हैं ऐसा करने से आपका काम नहीं चलेगा. ऐसा करने से आपको ही नुकसान होगा. ”

एनएसयूआई के बीकानेर के छात्र नेता रामनिवास कुकणा ने एबीपी लाइव से बात करते हुए बताया कि स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के 40 छात्रों को विश्वविद्यालय ने अटेंडेंस शॉट बताकर परीक्षा में बैठाने से इंकार कर दिया. 40 बच्चों को उनके परिजनों ने मुझे भी विश्वविद्यालय बुलाया था. मैं भी वहां गया. डीन आई पी सिंह बच्चों के परिजनों व महिलाओं से बदसलूकी व अभद्र व्यवहार कर रहे थे. जिसके बाद मुझे भी गुस्सा आ गया, क्योंकि 40 बच्चों के भविष्य का सवाल था. अगर वो परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे तो उनका 1 साल खराब हो जाएगा. 

रामनिवास कुकणा ने बताया कि इस तरह का व्यवहार देखकर मुझे लगा जिंदा इंसान होना और यह बताना भी जरूरी था. मैंने मंत्री को फोन किया. उन्होंने कहा कि जब मैं स्टूडेंट लीडर अपने नाम के आगे लिखता हूं तो मुझे स्टूडेंट के अधिकारों के लिए लड़ना भी पड़ेगा. मैंने कुछ भी गलत नहीं बोला है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसको अलग ही रूप दिया जा रहा है.

विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा स्थगित 

छात्र नेता ने बताया कि स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के द्वारा परीक्षा को स्थगित कर दिया है 14 दिन तक क्लास लगाई जाएगी. 14 दिन सभी 40 छात्रों को क्लास में जाना होगा. उसके बाद यह परीक्षा में शामिल हो पाएंगे. विश्वविद्यालय द्वारा बच्चों को परेशान करने के लिए असफल प्रयोग किया गया था लेकिन छात्रों अधिकारों के लिए मैं हमेशा लड़ता रहूंगा. 

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